ट्रेनों में अब भी 45 लाख से ज्यादा यात्री

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास जारी जारी इसका असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिख रहा है। शुक्रवार उपनगरीय रेलवे में लगभग पचास प्रतिशत यात्री कम हो गए, लेकिन उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में अचानक भीड़ बढ़ने लगी,ऑटोटैक्सी की मांग भी 70-80 प्रतिशत कम हो गई।



कन्फ्यूज हैं लोग


सरकार द्वारा हर दिन नई गाइडलाइन जारी करने के चलते लोगों में भ्रम है। एक दिन पहले ऑड-इवन फ़ॉर्म्युले से दुकानें खोलने का फ़ैसला लिया गया था। शुक्रवार को मुंबई के विभिन्न इलाकों से भूलेश्वर इलाके में आए व्यापारी और रोज़मर्रा के कामकाज वाले लोगों का कहना था कि कौनसी दुकान कब खोलनी है, ये स्पष्ट नहीं हुआ इसलिए काम पर चले आए। इसी दौरान बीएमसी द्वारा दुकानदारों को किस दिन किस साइड की दुकान खुली रखनी है, इसकी घोषणा की गई। दुकानदार कुछ समझ सके इससे पहले ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा 31 मार्च तक अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़ अन्य दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया गया। इस कन्फ्यू ज़न के चलते ट्रेनों में लगभग 25 प्रतिशत अतिरिक्त भीड़ है।